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Tuesday, 12 April 2016
Saturday, 25 July 2015
हूर बनने का खौफ - सुधीर मौर्य
आज तुम्हे क्या हो गया है तहज़ीब। अपने सीने से चिपटी एक गोरी, छरहरी, कमसिन
लड़की को अपने सीने से अलग करके अपने से पर लगभग धक्का देते हुए वो बोला।
ज़मीन पर पड़े कुछ लम्हे वो सिसकती रही और फिर तड़प कर उसके सीने से लगते हुए बोली - आफ़ताब आज मैं एक लड़की होकर तुम्हारी इल्तिज़ा कर रही हूँ मेरी दोशीज़गी को चूर चूर कर दो। हाँ आफ़ताब आज मेरा कुंवारापन तोहफे में ले लो। इतना कह कर तहज़ीब, आफ़ताब के सीने में अपना चेहरा गड़ाये हुए फफक - फफक कर रो पड़ी।
कुछ देर उसे आंसू बहा लेने के बाद, उसके बाल सहलाते हुए आफ़ताब बोला - तहज़ीब निकाह से पहले जिस्मानी तालुकात नायजायज़ हैं। और फिर तुम्ही तो कहा करती थी 'ये सब शादी के बाद' .
--हाँ आफ़ताब कोई भी लड़की अपना जिस्म सिर्फ शादी के बाद ही मर्द को सौपना चाहती है।
तहज़ीब , आफ़ताब का चेहरा देखते हुए कहे जा रही थी - पर जानते हो वो कबायली दहशतगर्द गांव से कुछ ही दूर हैं जयादा से जयादा वो कल यहाँ आ धमकेंगे। वो हिन्दू - मुस्लमान का फ़र्क़ किये बिना हम लड़कियों का बेदर्दी से बलात्कार करेंगे। आफ़ताब मै बलात्कार होने से पहले मर जाना चाहती हूँ। और जानते हो मरने से पहले मैं अपना कुंवारापन इसलिए क़ुर्बान करना चाहती हूँ ताकि बेरहम दहशतगर्दो को मै जन्नत मे हूर की शक्ल में तोहफे में न मिळू।
तहज़ीब की बात सुनकर आफ़ताब ने तड़पकर उसका चेहरा देखा तो वहां उसे पहली बार किसी लड़की के चेहरे पर हूर बनने का खौफ नज़र आया।
-- सुधीर मौर्य
ज़मीन पर पड़े कुछ लम्हे वो सिसकती रही और फिर तड़प कर उसके सीने से लगते हुए बोली - आफ़ताब आज मैं एक लड़की होकर तुम्हारी इल्तिज़ा कर रही हूँ मेरी दोशीज़गी को चूर चूर कर दो। हाँ आफ़ताब आज मेरा कुंवारापन तोहफे में ले लो। इतना कह कर तहज़ीब, आफ़ताब के सीने में अपना चेहरा गड़ाये हुए फफक - फफक कर रो पड़ी।
कुछ देर उसे आंसू बहा लेने के बाद, उसके बाल सहलाते हुए आफ़ताब बोला - तहज़ीब निकाह से पहले जिस्मानी तालुकात नायजायज़ हैं। और फिर तुम्ही तो कहा करती थी 'ये सब शादी के बाद' .
--हाँ आफ़ताब कोई भी लड़की अपना जिस्म सिर्फ शादी के बाद ही मर्द को सौपना चाहती है।
तहज़ीब , आफ़ताब का चेहरा देखते हुए कहे जा रही थी - पर जानते हो वो कबायली दहशतगर्द गांव से कुछ ही दूर हैं जयादा से जयादा वो कल यहाँ आ धमकेंगे। वो हिन्दू - मुस्लमान का फ़र्क़ किये बिना हम लड़कियों का बेदर्दी से बलात्कार करेंगे। आफ़ताब मै बलात्कार होने से पहले मर जाना चाहती हूँ। और जानते हो मरने से पहले मैं अपना कुंवारापन इसलिए क़ुर्बान करना चाहती हूँ ताकि बेरहम दहशतगर्दो को मै जन्नत मे हूर की शक्ल में तोहफे में न मिळू।
तहज़ीब की बात सुनकर आफ़ताब ने तड़पकर उसका चेहरा देखा तो वहां उसे पहली बार किसी लड़की के चेहरे पर हूर बनने का खौफ नज़र आया।
-- सुधीर मौर्य
Monday, 13 April 2015
आइएसआइएस आतंकी और ९ साल की बच्ची - सुधीर मौर्य
आइएसआइएस आतंकियों ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी है। बताया गया है कि उत्तरी इराक में आइएस के आतंकियों ने नौ वर्ष की एक लड़की को गुलाम बनाया, फिर दस आतंकियों ने उसके साथ रेप कर नाबालिग बच्ची को प्रेगनेंट कर दिया।
पीड़ित यजदी लड़की दरिंदे आतंकियों के चंगुल में लगभग एक साल फंसी रही। इस यजदी लड़की के साथ वहां कई अल्पसंख्यक महिलाएं और लड़कियों को यौन गुलाम के तौर पर बंधक बनाकर रखा गया था। गौरतलब है कि कुछ हफ्तों पहले लगभग 200 महिलाओं और लड़कियों को इन आतंकियों के चंगुल से मुक्त कराया गया। पिछले साल जून में आइएस आतंकियों ने इन्हें बंधक बना लिया था।
यजदी गांव पर हमला कर आतंकियों द्वारा बंधक बनाए गए हजारों लोगों में से लगभग 100 लोग उनके चंगुल से निकलने में सफल रहे इनमें नौ साल की पीड़ित लड़की भी शामिल थी। एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक फिलहाल नौ साल की पीड़ित लड़की को जर्मनी के कुर्दिश संस्थान ने अपने संरक्षण में ले लिया है और उसकी देखरेख कर रही है।
--सुधीर मौर्य
पीड़ित यजदी लड़की दरिंदे आतंकियों के चंगुल में लगभग एक साल फंसी रही। इस यजदी लड़की के साथ वहां कई अल्पसंख्यक महिलाएं और लड़कियों को यौन गुलाम के तौर पर बंधक बनाकर रखा गया था। गौरतलब है कि कुछ हफ्तों पहले लगभग 200 महिलाओं और लड़कियों को इन आतंकियों के चंगुल से मुक्त कराया गया। पिछले साल जून में आइएस आतंकियों ने इन्हें बंधक बना लिया था।
यजदी गांव पर हमला कर आतंकियों द्वारा बंधक बनाए गए हजारों लोगों में से लगभग 100 लोग उनके चंगुल से निकलने में सफल रहे इनमें नौ साल की पीड़ित लड़की भी शामिल थी। एक अंग्रेजी अखबार के मुताबिक फिलहाल नौ साल की पीड़ित लड़की को जर्मनी के कुर्दिश संस्थान ने अपने संरक्षण में ले लिया है और उसकी देखरेख कर रही है।
--सुधीर मौर्य
Sunday, 1 June 2014
Friday, 28 March 2014
जल्दी करो (लघुकथा) - सुधीर मौर्य
जल्दबाजी में इकरा बचते-बचाते गैर मजहब इलाके में आ गयी। धार्मिक नारे लगते लोग उसकी तरफ बढे, इकरा सूखे पत्ते की तरह कांपने लगी। किसी तरह आरती उसे उन्मादियों से बचा कर अपने घर लायी और कुछ दिन अपने मजहब की तरह कपडे पहनने को कहा।
दुसरे मजहब के लोग अल्लाह हो अकबर के नारे लगाते मोहल्ले में बदला लेने की गरज से घुसे, जो मर्द सामने काट डाला और लड़कियों की अस्मत लूटने लगे।
इकरा भी उनके हत्थे चढ़ी, बेचारी रो-रो कर अल्लाह की दुहाई देती रही कि वो उनके मजहब की है। पर वो ये कहते हुए, साली बचने के लिए बहाना करती है, उस पर टूट पड़े।
इकरा का भाई लूट-पाट करता उसी घर में घुसा और बहन को अपने ही मजहबियों से लूटते देख अवाक रह गया।
भाई को देख कर कराहती हुई इकरा के होठो पर एक फीकी मुस्कान उभरी। फिर वो अपने ऊपर लेटे बलात्कारी से बोली ''जल्दी करो'' आपका एक साथी और आ गया है। ----- सुधीर मौर्य
Saturday, 30 November 2013
पाकिस्तान में हिन्दू लड़की होना अभिशाप हो गया है - सुधीर मौर्य
दलित और आदिवासी इनकी हालत और इनकी हालत में कैसे सुधार किया जाये ये मुद्दा भारत में तो है, और बहुत से लोग इस पवित्र कार्य में लगे हुए हैं। हमें विश्वास है वो दिन दूर नहीं जब सारे भारत में दलित और आदिवासी अपने हक़ को हासिल करके समाज में बराबर के सहभागी होंगे। पर अप जानते है सरहद पार पकिस्तान में दलित और आदिवासी के उत्थान का कोई मुद्दा नहीं है। पकिस्तान के सिंध में दलित हिन्दू या सवर्ण हिन्दू होने का कोई मुद्दा नहीं है, वहाँ कोई मुद्दा है तो सिर्फ हिन्दू होना। सच कहे तो पाकिस्तान में हिन्दू होना एक अपराध है और हिन्दू लड़की के तो पाकिस्तान नरक है। हिन्दू लड़की चाहें कुआरिन हो या शादी शुदा उसकी अस्मत का कोई नहीं है, मुस्लिम जब चाहें उनका अपहरण करके उनका बलात्कार कर सकते, उनका जबरन धर्म परिवर्तन कर सकते हैं। अगर किसी लड़की ने हिम्मत दिखाके विरोध किया तो पकिस्तान कि सरकार और न्यायपालिका भी उन बलात्कारियों का साथ देती है। रिंकल कुमारी का उदहारण हैम सबके सामने है। अभी कुछ दिन पहले कल्पू कोल्ही नाम की एक शुदा दलित महिला को एपीआई जान देनी पड़ी जबकि एक लैंडलॉर्ड मोहम्मद खादिम ने उसका बलात्कार करने कि कोशिश की। किसी भी महिला कि अस्मत, इज्जत और योनि मेरी नज़र में सामान ही हैं चाहें वो दलित हो स्वर्ण हो हिन्दू, ईसाई या फिर मुस्लिम ही न हो। किसी भी औरत के साथ हुआ बलात्कार, बलात्कार ही है पर पकिस्तान में हिन्दू लड़कियों के साथ हो रहे बलात्कार और ज़बरन निकाह के मामले सिर्फ इसलिए हो रहे हैं क्योंकि वो हिन्दू हैं और उन्हें एक मुस्लिम देश में इज्जत से जीने का शायद कोई हक़ नहीं है। --सुधीर मौर्य
Tuesday, 15 October 2013
उपन्यास 'देवल देवी' लिखने की प्रेरणा 'रिंकल' के संघर्ष से मिली - सुधीर मौर्य
पाकिस्तान के सिंध प्रान्त में २४ फ़रवरी २०१२ को एक ह्रदयविदारक घटना घटी। इकिसिवीं शताब्दी में जब सारा विश्व सभ्य होने का दंभ भर रहा था उस समय सिंध के मीरपुर मेथेलो से एक अल्पवयस्क और उक्त देश की अल्पसंख्यक लड़की का जबरन अपहरण करके उसका जबरन धर्म परिवर्तन किया गया। उस लड़की को जबरन बलत्कृत करके उस देश के बहुसंख्यक समुदाय के व्यक्ति से निकाह के लिए बाध्य किया गया। उस लड़की का नाम रिंकल है। वो लड़की और उसके अभिवावक छोटी अदालत से लेकर सर्वोच्च न्यायलय तक की गुहार लगाते रहे पर उनकी आवाज़ को जबरन दबा दिया गया। वो लड़की रिंकल कुमारी आज भी अपने अपहरणकरताओ की कैद में है और दासी सा जीवन जीने को बाध्य है। ऐसा भी नहीं कि उसकी रिहाई के लिए आवाज़ बुलंद नहीं हुई। बहुत से लोगो ने उसकी रिहाई के लिए संघर्ष किया। अमेरिका से सुनील दिक्षित, पकिस्तान की वेंगस और मारवी,भारत से राकेश लखानी और खुद मैने अपने लेखों और और अन्य गतविधियों से रिंकल कुमारी के जबरन अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन के मुद्दे पर संघर्ष किया पर नतीजा ढ़ाक के तीन पात रहा। पिछले कुछ दिनों में अकेले पाकिस्तान में ही जबरन धर्म परिवर्तन के कई केस सामने आये हैं। फिर सारे विश्व में ऐसे कितनी घटनाएं होती होंगी जो प्रकाश में नाइ आ पाती। ऐसी घटनाओ से हमारा देश भारत भी अछुता नहीं है। जब आधुनिक सभ्य्काल में योनि शोषण के लिए लड़कियों का अपहरण किया जा रहा है और हम शोसल नेटवर्किंग साईट से लेस होकर भी रोक नहीं पा रहें हैं तो सोचिये मध्यकाल में कितनी लड़कियों को जबरन सेक्स स्लेव बनया गया होगा। युद्ध में जीती गई संभ्रांत परिवार की लड़कियों के साथ और कठोर व्यवहार किया गया। देवलदेवी भी इसका शिकार हुई पर भाग्य से उसने अपना प्रतिशोध ले लिया। पर उन हजारो - हजार का क्या जो योनि दासी बनकर सारी उमर रोती - सिसकती रही।
रिंकल कुमारी के आपह्रण और न्याय के लिए दिखाए गए उनके अदम्य साहस ने मुझे उपन्यास 'देवल देवी, लिखने की प्रेरणा दी। मेरी ये कृति समर्पित है बहादुर लड़की 'रिंकल कुमारी' को। --सुधीर मौर्य
रिंकल कुमारी के आपह्रण और न्याय के लिए दिखाए गए उनके अदम्य साहस ने मुझे उपन्यास 'देवल देवी, लिखने की प्रेरणा दी। मेरी ये कृति समर्पित है बहादुर लड़की 'रिंकल कुमारी' को। --सुधीर मौर्य
Thursday, 12 September 2013
यमन में ८ साल की लड़की की हुई सुहागसेज़ पे मौत - सुधीर मौर्य
एक आठ साल की बच्ची अपनी सुहागरात के दिन ज्यादा खून बह जाने से मर गई. इस मासूम की शादी जबरन एक 40 साल के आदमी से कर दी गई थी.इस हैवान ने बच्ची के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाया. नतीजतन बच्ची के प्राइवेट पार्ट्स से बहुत खून बहने लगा और मेडिकल हेल्प न मिलने के चलते उसकी मौत हो गई. यह वाकया यमन के कबीलाई इलाके का है. कुछ बरस पहले भी यमन में एक 12 साल की गर्भवती बच्ची तीन दिन तक लेबर पेन में रहने के बाद तड़प कर मर गई थी.
ये दिल दहला देने वाला वाकया हुआ है यमन के ग्रामीण इलाकों में इस बच्ची का नाम रावान था. वह सउदी अरब से जुडे़ कबीलाई इलाकों में रहती थी.मामले के खुलासे के बाद देश के मानवाधिकार कार्यकर्ता जांच और बच्ची के परिवार और उस हैवान पति की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.इनका कहना है कि इस इलाके में लड़कियों की बहुत कम उम्र में शादी कर दी जाती है. इन लड़कियों के पति ज्यादातर अधेड़ ही होते हैं।
-सुधीर मौर्य
ये दिल दहला देने वाला वाकया हुआ है यमन के ग्रामीण इलाकों में इस बच्ची का नाम रावान था. वह सउदी अरब से जुडे़ कबीलाई इलाकों में रहती थी.मामले के खुलासे के बाद देश के मानवाधिकार कार्यकर्ता जांच और बच्ची के परिवार और उस हैवान पति की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं.इनका कहना है कि इस इलाके में लड़कियों की बहुत कम उम्र में शादी कर दी जाती है. इन लड़कियों के पति ज्यादातर अधेड़ ही होते हैं।
-सुधीर मौर्य
Sunday, 25 August 2013
पाक की नापाक हरकतों का जवाब देने की वजहे - सुधीर मौर्य
पाकिस्तान के अवामी लीग के नेता का भारत को धमकी देना, उनका कहना की अगर भारत ने जंग छेड़ी तो फिर ना तो भारत के मंदिरों में कभी घंटियाँ बजेंगी और ना ही वहाँ (भारत) के मैदानों में कभी घास उगेगी। उनकी नापाक फितरत की सोच है। भारत को यकीनन उनके इस वक्तव्य को गंभीरता से लेना चाहिए। इतिहास गवाह है मुस्लिम सेनाओं ने इसी तरह के अपवित्र उदॆशय को लेकर हम पर कई हमले किये और कुछ काल के लिए उन्होंने अपनी धूर्तता से हमे हरा भी दिया। पर मंदिरों में घंटियाँ सतत बजती रहीं और भारत के मैदान घास से ही नहीं वरन फसलों से भी लहलहाते रहें।
पाकिस्तान अपने नापाक उद्देश्य में कभी कामयाब नहीं होगा, इसका हमें यकीन है पर फिर भी उसके नेता की इस धमकी को कोरी धमकी न मान कर भारत को दुष्ट पकिस्तान की नाक में नकेल तुरंत कसनी ही चाहिए, उसे छठी का दूध याद दिलाना ही चाहिए। असल में तो भारत को पाकिस्तान की इस धमकी पर इस्लामाबाद में अपनी सेना भेजकर उचित प्रतुत्तर देना चाहिए था । सरहद पर घात लगाकर पाकिस्तानी सैनिक, भारतीय सैनिको की कायरतापूर्वक हत्या कर रह हैं, उनके सर काट रहे हैं। इन हालातों में भारत को डंके की चोट पर पाकिस्तान में घुसकर उसकी नापाक करतूतों के लिए उसे फ़ौरन सबक सिखाना चाहिए। पाकिस्तान में रह रहे हिन्दुओ पर अत्याचार दिनोदिन बढते जा रहें हैं। उनकी लड़कियों को जबरन उठाकर मुस्लिम बनाया जा रहा है, उनका बलात्कार किया जा रहा है। उन्हें जबरन मुस्लिम मर्दों की रखेल/बीवी बनाया जा रहा है। कट्टरपंथियों की इन हरकतों पर वहां की सरकार और न्यायपालिका आँखे मूंद कर बैठी है। पिछले साल एक हिन्दू लड़की रिंकल कुमारी को जबरन उठाकर उसके साथ बलात्कार किया गया और उसे उसकी बिना मर्ज़ी के मुस्लिम बना कर एक मुस्लिम गुंडे की बीवी/रखेल बना दिया गया। रिंकल वहां की सुप्रीम कोर्ट में चीख - चीख कर कहती रही की वो अपने मां - बाप के पास जाना चाहती है, उसे जबरन मुस्लिम बनाया जा रहा है पर वहां के चीफ जस्टिस ने भी उसकी आवाज़ नहीं सुनी और उसे बलात्कारियों के हाथों में सौंप दिया। जहाँ वो नारकीय जीवन जीने को आज भी मजबूर है। रिंकल तो एक बानगी भर है ऐसी कितनी ही हिन्दू लड़कियां का वहां जबरन बलात्कार किया जा रहा है उसका कुछ हिसाब नहीं है। पाकिस्तान की इन हरकतों अब भारत को नज़रंदाज़ नहीं करना चाहिए। उस पर हमला करके उसकी धूर्तता की उचित - उचित सजा देनी चाहिए। रिंकल, सरहद पर मरते भारतीय सैनिकों की आत्मायो के साथ न्याय होगा जब अब पाकिस्तान में भारतीय सैनिकों के बूटों का संगीत गूंजेगा। सुधीर मौर्य 'सुधीर' गंज जलालाबाद, उन्नाव - २ ० ९ ८ ६ ९
पाकिस्तान अपने नापाक उद्देश्य में कभी कामयाब नहीं होगा, इसका हमें यकीन है पर फिर भी उसके नेता की इस धमकी को कोरी धमकी न मान कर भारत को दुष्ट पकिस्तान की नाक में नकेल तुरंत कसनी ही चाहिए, उसे छठी का दूध याद दिलाना ही चाहिए। असल में तो भारत को पाकिस्तान की इस धमकी पर इस्लामाबाद में अपनी सेना भेजकर उचित प्रतुत्तर देना चाहिए था । सरहद पर घात लगाकर पाकिस्तानी सैनिक, भारतीय सैनिको की कायरतापूर्वक हत्या कर रह हैं, उनके सर काट रहे हैं। इन हालातों में भारत को डंके की चोट पर पाकिस्तान में घुसकर उसकी नापाक करतूतों के लिए उसे फ़ौरन सबक सिखाना चाहिए। पाकिस्तान में रह रहे हिन्दुओ पर अत्याचार दिनोदिन बढते जा रहें हैं। उनकी लड़कियों को जबरन उठाकर मुस्लिम बनाया जा रहा है, उनका बलात्कार किया जा रहा है। उन्हें जबरन मुस्लिम मर्दों की रखेल/बीवी बनाया जा रहा है। कट्टरपंथियों की इन हरकतों पर वहां की सरकार और न्यायपालिका आँखे मूंद कर बैठी है। पिछले साल एक हिन्दू लड़की रिंकल कुमारी को जबरन उठाकर उसके साथ बलात्कार किया गया और उसे उसकी बिना मर्ज़ी के मुस्लिम बना कर एक मुस्लिम गुंडे की बीवी/रखेल बना दिया गया। रिंकल वहां की सुप्रीम कोर्ट में चीख - चीख कर कहती रही की वो अपने मां - बाप के पास जाना चाहती है, उसे जबरन मुस्लिम बनाया जा रहा है पर वहां के चीफ जस्टिस ने भी उसकी आवाज़ नहीं सुनी और उसे बलात्कारियों के हाथों में सौंप दिया। जहाँ वो नारकीय जीवन जीने को आज भी मजबूर है। रिंकल तो एक बानगी भर है ऐसी कितनी ही हिन्दू लड़कियां का वहां जबरन बलात्कार किया जा रहा है उसका कुछ हिसाब नहीं है। पाकिस्तान की इन हरकतों अब भारत को नज़रंदाज़ नहीं करना चाहिए। उस पर हमला करके उसकी धूर्तता की उचित - उचित सजा देनी चाहिए। रिंकल, सरहद पर मरते भारतीय सैनिकों की आत्मायो के साथ न्याय होगा जब अब पाकिस्तान में भारतीय सैनिकों के बूटों का संगीत गूंजेगा। सुधीर मौर्य 'सुधीर' गंज जलालाबाद, उन्नाव - २ ० ९ ८ ६ ९
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