Tuesday, 12 April 2016

हाँ तूँ साक्षी है - सुधीर मौर्य


ऐ लड़की ! 
सलाम तेरे संघर्ष और जिजीविषा को
जो तूने जुर्म को कैद किया
आहनी सलाखों के पीछे अँधेरे कोने में
देख लड़की !
जो तूँ संघर्ष की मशाल न रोशन करती
तो न जाने कितनी
लड़कियों के होठों पे
कभी अपनी मुस्कान नहीं थिरकती।

--सुधीर

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