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Tuesday, 1 March 2016

दंगो की पृष्ठभूमि पर पनपती प्रेम कहानी है 'वर्जित' - अंजलि कुशवाहा

अंजुमन प्रकाशन से प्रकाशित मेरे उपन्यास 'वर्जित' पे अंजलि कुशवाहा की सटीक संक्षिप्त टिप्पणी।  - सुधीर मौर्य 

दोस्तों आज पहली बार किसी उपन्यास की समीक्षा अपनी वॉल पर डाल रही हूँ। आशा है कि मैं उपन्यास व लेखक के साथ न्याय करने में थोड़ा सा सफल रही हूँ।
'वर्जित'
लेखक- श्री सुधीर मौर्य
समीक्षा-
वर्जित, साम्प्रदायिक दंगों की पृष्ठभूमि पर पनपती एक प्रेम कथा। कहानी में लेखक ने मानवीय भावनाओं को बखूबी उजागर किया है। लेखक ने कुणाल ( नायक) के माध्यम से जहाँ एक ओर पुरुष वर्ग की कमजोरियों का एक सफल चित्रण दिया है वहीं दूसरी ओर कहानी की नायिका इरम हर कदम पर एक ठोस निर्णय लेती नजर आती है। कहानी का नायक कुणाल जो कि एक लेखक है, इरम नामक मुस्लिम लड़की को बहुत प्यार करता है परन्तु अवनि जो कि उसके मकान मालिक की बेटी है और कुणाल को बहुत प्यार करती है, से सम्बन्ध बना लेता है। उपन्यास की नायिका इरम एक मुस्लिम लड़की जो सैफी ( कुणाल) को बेहद प्रेम करती है और प्रेम में पूर्णतया समर्पित है ,सैफी की वास्तविकता (एक हिन्दू लड़का) जानकर एक कठोर निर्णय लेकर स्वयं को कुणाल के लिए वर्जित घोषित कर देती है।
कुणाल की निर्णय ले पाने की अक्षमता के कारण ही वह स्वयं को अवनि और इरम के बीच फँसा हुआ पाता है। अवनि भी कुणाल को प्रेम करती है और कुणाल की खुशी के लिए कुछ भी करने को तैयार है। कहानी में तन्जीला का प्रवेश एक नया मोड़ ले आता है। तन्जीला एक जर्नलिस्ट और इरम की कजिन है।वह एक बोल्ड एवं आजाद ख्याल की लड़की है जो अपने विचारों से कुणाल और इरम को प्रभावित करती है। कुणाल और इरम दुनिया की सारी रिवायतैं तोड़ते हुए शादी कर दूर चले जाते हैं लेकिन शहर में हो रहे दंगे उन्हें वापस ले आते हैं और कहानी का अंत दंगों के दुष्परिणाम के साथ होता है ।

--अंजलि कुशवाहा

इस उपन्यास को अमेज़ॉन के इस लिंक से मगाया जा सकता है।

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Friday, 1 January 2016

वर्जित (उपन्यास) - सुधीर मौर्य


इश्क़ हो जाना ही काफी नहीं ....
भारत में इश्क़ होता नहीं है करना पड़ता है, धर्म जाति देख कर इश्क़ कीजिये नहीं तो तमाम वर्जनाएं आपको अपनी मंज़िल तक पहुँचने से पहले जकड़ लेंगी

और कहीं एक मुस्लिम लडकी को एक हिन्दू लड़के से इश्क़ हो जाए तो क्या हो वर्जित हो जाती है हर भावना ...

पढ़ें बहुप्रतीक्षित उपन्यास "वर्जित"
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