Tuesday, 12 April 2016

हाँ तूँ साक्षी है - सुधीर मौर्य


लड़की
सलाम तेरे संघर्ष और जिजीविषा को
जो तूने जुर्म को कैद किया
आहनी सलाखों के पीछे अँधेरे कोने में
देख लड़की !
जो तूँ संघर्ष की मशाल रोशन करती
तो जाने कितनी
लड़कियों के होठों पे
कभी अपनी मुस्कान नहीं थिरकती।

--सुधीर

6 comments:

  1. आपकी इस प्रस्तुति का लिंक 14 - 03 - 2016 को चर्चा मंच पर चर्चा - 2312 में दिया जाएगा
    धन्यवाद

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  2. प्रेरक प्रस्तुति

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  3. वाह...वाकई प्रेरणा है यह तो

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